गुरु चरणों का आशीर्वाद लेकर धूमधाम से मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव

गुरु चरणों का आशीर्वाद लेकर धूमधाम से मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव

अलीगढ़ न्यूज़। वैदिक ज्योतिष संस्थान एवं विश्व कल्याण सेवा संस्थान के तत्वावधान में गुरु एवं शिष्य की आस्था का महापर्व गुरु पूर्णिमा महोत्सव को बड़े धूम धाम से मनाया गया, जहाँ हजारों भक्तों ने महामंडलेश्वर स्वामी श्री पूर्णानंदपुरी जी महाराज से आशीर्वाद लेकर गुरु के महत्व को जाना।

बुधवार को जतनपुर चिकावटी स्थित श्री श्रीविद्या धाम आश्रम पर सुबह से ही गुरु भक्तों का ताँता लगा रहा जहाँ आचार्य गौरव शास्त्री, ऋषि शास्त्री, रवि शास्त्री, शिवम शास्त्री, विनीत शास्त्री, ध्रुव वेदपाठी आदि विद्वानों ने भक्तों द्वारा वैदिक मन्त्रोंच्चार के साथ रोली, चावल एवं चंदन के साथ पूज्य गुरु जी की पादुका पूजन करवाया।

सांयकालीन बेला में शहर के आगरा रोड स्थित राधावन में भारी तादात में गुरु भक्तों की भीड़ द्वारा गाजे बाजे के साथ पुष्पों की माला पहनाकर एवं फूल वर्षा करके पूज्य स्वामी जी का स्वागत किया गया। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला प्रधान, भा.ज.पा विधायक राजकुमार सहयोगी, शालू अग्रवाल, पारुल अग्रवाल,  इंदु अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, सोनी अग्रवाल आदि ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्जुलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

परिसर में उपस्थित भक्तों की भीड़ को सम्बोधित करते हुए स्वामी श्री पूर्णानंदपुरी जी महाराज ने गुरु पूर्णिमा के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि महर्षि वेदव्यास ने वेदों का संकलन एवं विभाजन किया तथा महाभारत सहित अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की। उनके महान ज्ञान और भारतीय संस्कृति में अतुलनीय योगदान के कारण गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, मान्यता है कि भगवान शिव ने इसी काल में सप्तऋषियों को योग और आध्यात्मिक ज्ञान का उपदेश दिया था। इसलिए यह पर्व ज्ञान, साधना और गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान का प्रतीक है।

वैदिक सनातन संस्कृति में गुरु के महत्व के विषय में उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यंत उच्च स्थान प्राप्त है। गुरु केवल शिक्षा देने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले मार्गदर्शक माने जाते हैं। गुरु अपने ज्ञान और अनुभव से शिष्य के जीवन में व्याप्त अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर उसे सत्य, ज्ञान और आत्मबोध के मार्ग पर अग्रसर करते हैं।

स्वामी जी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की महानता को स्मरण करने का अवसर भी है। इस दिन शिष्य अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति को केवल सांसारिक ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उसके व्यक्तित्व, चरित्र और आध्यात्मिक चेतना का भी विकास करता है। गुरु पूजन के लिए देर रात तक भक्तों ने कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए आशीर्वाद लिया इसके साथ ही सांय 7 बजे से भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया जो कि मध्यरात्रि तक चला।

इस अवसर पर ठा. गोपाल सिंह, अखंड प्रताप सिंह, ठा. ज्ञानेंद्र चौहान, यशपाल सिंह चौहान, आशीष तायल, पंकज गोयल, हरीश अग्रवाल, रजनीश वार्ष्णेय, तेजवीर सिंह, धीरू ठाकुर, राहुल सिंह, पवन तिवारी, शिब्बू अग्रवाल, शैलेन्द्र सिंह, दुर्गेश सिंह, निकिता तिवारी, नेहा गुप्ता, निपुण उपाध्याय, डौली सिंह, लव राणा, शक्ति सिंह, हर्ष सिंह, गोलू सिंह, रजत सिंह, चिंटू सिंह, मोहित राघव, तनुज प्रधान, विनीत सिंह, ब्रजेन्द्र वशिष्ठ, मन्नू सिंह, जतिन सिंह, प्रियांशु ठाकुर, रोहित सिंह, अमन उपाध्याय सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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