महिषासुर पर देवी की जीत की व्याख्या है शतचंडी अनुष्ठान: स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज
अलीगढ़ न्यूज़: विश्व की मंगलकामना के उद्देश्य से नवरात्र महोत्सव एवं नव संवत्सर के उपलक्ष्य में जी.टी. रोड चिकावटी स्थित श्री विद्या धाम आश्रम में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन की पूजा में श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में आहुतियाँ देकर यज्ञशाला की परिक्रमा की।
शनिवार को श्री शतचंडी अनुष्ठान के तीसरे दिन के प्रथम प्रहर की पूजा में प्रधान कुंड पर मुख्य यजमान राघवेंद्र सिंह एवं उनकी पत्नी बॉबी सिंह सहित चार सह यजमानों में अलग अलग कुंडों का प्रतिनिधित्व कर रहे शिवम शर्मा एवं उनकी माता लता कटारा, लव राणा एवं उनकी माता विनीता सिंह, शैलेन्द्र सिंह एवं उनकी पत्नी हेमलता देवी, मुकेश कुमार सपत्नी विनीता देवी, उमेश वर्मा सपत्नी रूबी वर्मा द्वारा आचार्य गौरव शास्त्री, ऋषि शास्त्री, सागर शास्त्री, रवि शास्त्री, विनीत शास्त्री, शिवम शास्त्री, कृष्णा शास्त्री आदि विद्वानों ने विधि विधान से माँ दुर्गा का पूजन अर्चन कर पीठ का भी पूजन करवाया उसके बाद वेदमन्त्रों की ऋचाओं पर सभी कुंडो में आहुतियाँ दिलवायीं।
महायज्ञ के दौरान उपस्थित भक्तों की भीड़ को सम्बोधित करते हुए वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी श्री पूर्णानंदपुरी जी महाराज ने शतचंडी अनुष्ठान के महत्व के विषय में बताया कि यह महायज्ञ महिषासुर पर देवी की जीत की व्याख्या करता है। शतचंडी का अभिप्राय 100 बार सप्तसती का पाठ करने से है, जिससे प्रसन्न होकर भगवती मनोवांछित फल का आशीर्वाद देती हैं।इसके साथ ही जीवन की सभी समस्याओं और संघर्षों को हल करने में इस अनुष्ठान से लाभ मिलता है।
प्रथम प्रहर की पूजा के उपरांत सांयकालीन बेला में पुनः महायज्ञ में प्रधान कुंड के मुख्य यजमान जितेंद्र गोविल एवं उनकी पत्नी श्वेता गोविल एवं सह यजमान ने आहुतियाँ दीं। क्षेत्र से जुड़े गाँव से आने वाले श्रद्धालुओं का सुबह से ही परिक्रमा के लिए ताँता लगा रहा।
सांयकालीन बेला में हुई महाआरती में ठा. राहुल सिंह,नवीन चौधरी, जितेंद्र गोविल, तेजवीर सिंह, शिब्बू अग्रवाल, पवन तिवारी, तृषाँक अग्रवाल, संकल्प अग्रवाल, भोलू ठाकुर, अशोक पाल, निपुण उपाध्याय, दीप्ती शर्मा समेत सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।

