एएमयू में आठ नए कक्षाओं का उद्घाटन, 800 विद्यार्थियों के बैठने की अतिरिक्त व्यवस्था
अलीगढ़, 29 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आधारभूत सुविधाओं के निरंतर विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चार प्रमुख संकायों में नवनिर्मित आठ कक्षाओं का उद्घाटन किया। इन कक्षाओं के शुरू होने से विश्वविद्यालय की शिक्षण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा लगभग 800 विद्यार्थियों के बैठने की अतिरिक्त व्यवस्था उपलब्ध हो गई है।
इन कक्षाओं का उद्घाटन कुलपति प्रो. नइमा खातून ने सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, कुलसचिव प्रो. आसिम जफर, भवन विभाग के प्रभारी प्रो. मलिक शोएब अहमद तथा विश्वविद्यालय अभियंता प्रो. इजहारुल हक फारूकी की उपस्थिति में किया।
कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के लिए निर्मित चार कक्षाओं के उद्घाटन समारोह में कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मोहम्मद रिजवान खान तथा सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. इकराम हुसैन उपस्थित रहे। वहीं विज्ञान एवं जीवन विज्ञान संकाय के लिए तैयार चार नई कक्षाओं के उद्घाटन के अवसर पर विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सरताज तबस्सुम तथा जीवन विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. नफीस अहमद खान भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. नइमा खातून ने कहा कि शिक्षण, अध्ययन और शोध के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एएमयू में लगातार नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं और विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
प्रत्येक कक्षा में 100 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। इस प्रकार आठ नई कक्षाओं के निर्माण से कुल 800 विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त बैठने की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इससे कला, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और जीवन विज्ञान संकायों में कक्षाओं के संचालन में सुविधा होगी तथा पहले से उपलब्ध कक्षाओं पर दबाव भी कम होगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान नव निर्मित कक्षाओं के आसपास पौधारोपण भी किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक तथा अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन नई कक्षाओं के शुरू होने से शिक्षण व्यवस्था और अधिक सुचारु होगी तथा आधुनिक और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा मिलने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

