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ALIGARH:
मानसिक रोग का इलाज पूरी तरह से सम्भव: डा0 एस0पी0 सिंह

Published: October 10, 2015 at 6:20 pm

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vplnews.com, Aligarh/अलीगढ़- मानसिक रोग एक ऐसी बीमारी बनता जा रहा जिसे लोग आसानी से नहीं समझ पाते जब वह ऊल जलूल हरकतें करने लगता है तब घर वालों को समझ में आती है कि वह पागलपन के प्रभाव में आ गया है जबकि ऐसा होता नहीं है। यह साइकेट्रिक समस्या है जिसका इलाज पूरी तरह से सम्भव है। जरूरत है इसे सझने की। उक्त बातें यूनीवर्सल एजूकेशन सोसाइटी के सौजन्य से विश्व मानसिक दिवस पर आदर्श ज्ञान दीप इण्टर काॅलेज डोरी नगर पर शानिवार को आयोजित एक जागरूकता कैम्प में नोडल एन0सी0डी0 एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एस0पी0 सिंह ने कही। उन्होेने ने कहा कि जिस तरह से शरीर मेें होने वाली बीमारियां का इलाज कराया जाता है ठीक उसी तरह मानसिक रोग का भी इलाज इस रोग के चिकित्सा विशेषज्ञों के पास पहंुचकर कराया जा सकता है। यह इलाज वर्तमान में जे0एन0 मेडीकल काॅलेज अलीगढ़ एवं के0जी0एम0सी लखनऊ में उपलब्ध है। डा0 सिंह ने यह भी कहा कि नाकारात्मक सोच से व्यक्ति को बचना चाहिए तथा ऐसे रोगियों के साथ सहानभूतिपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। भूत प्रेत,झाड़फूक आदि के चक्कर में ना पडकर चिकित्सकों से इलाज कराना चाहिए। संचालन कर रहे केन्द्र सरकार द्वारा अधिकृत एन0आई0ओ0एस0 द्वारा संचालित यूनीवर्सल कम्यूनिटी हैल्थ एजूकेशन इस्टीटयूट के काॅर्डीनेटर हरीसिंह यादव ने कहा कि समाज में मानसिक रोग पैदा होने के लिए गरीबी,वेरोजगारी एवं अत्यधिक इच्छा की पूर्ति न होना तथा परस्पर स्पर्धा भी जिम्मेदार है। जिसके के लिए लोगों को चाहिए कि अपनी सामर्थ अनुसार संतुष्ट रहते रहते हुए सकारात्मक सोच के साथ उपलब्ध संसाधनों से ही अपनी तरक्की का मार्ग प्रसस्त करना चाहिए जिससे काफी हद तक मानसिक परेशानियांे से बचा जा सकता है तथा माधक पदार्थो के सेवन से दूर रहना चाहिए क्योंकि स्वस्थ्य मस्तिष्क ही शरीरिक क्रियाओं को अच्छी तरह संचालित कर सकता है। एन0सी0डी0 की रागिनी सिंह ने प्रदेश में उपलब्ध मानसिक रोगियों के लिए सुविधाओं के बारे में बताते हुए कहा कि सादा जीवन एवं उच्च विचार वाली भावना से प्रेरित रहें तथा अभक्ष्य चीजों से दूर रहें। काॅलेज के पूर्व प्राचार्य जय प्रकाश शर्मा ने स्वच्छ पर्यावरण के महत्व को बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते काॅलेज के प्राचार्य महेन्द्र पाल शास्त्री ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की। वक्ताओं में मुख्य रूप से प्रमिला सिंह, नीरज शर्मा, रितु दीक्षित, रीना चौधरी, प्रियंका शर्मा, रीना वर्मा, ललित मोहन शर्मा, प्रशान्त भारद्वाज, सुभाष शर्मा, विजय कुमार कठेरिया, अशोक कुमार सिंह, महेश कुमार के अलावा युनीवर्सल एजूकेशन सोसाइटी के पी0आर0ओ0 पी0के0 जैन मौजूद रहे।

Comments ( 1 )

  • मुझे बाइक चलाने मे डर लगता है मै 12 साल से बाइक चला रहा हूँ पर 2साल से बाइक nhi chla पाता इसका कोइ ईलाज है के नही मै इस बात पे बहुत परेशान हु क्रिपिया करके मार्गदर्शन kijiye

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