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Lucknow:
यूपी के सभी विकास खण्डों एवं तहसील मुख्यालयों पर एग्री जंक्शन होंगे संचालित

Published: September 24, 2015 at 1:11 pm

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VPLNEWS.COM DESK, Lucknow/लखनऊ। यूपी के सभी विकास खण्डों एवं तहसील मुख्यालयों पर वन स्टॉप शॉप्स पर किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश एवं कृषि प्रक्षेत्र निर्देशन प्राप्त करने के लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 में 1,000 कृषि केन्द्र (एग्री जंक्शन) एवं अन्य ऐसे ही केन्द्रों को संचालित करने की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।यह योजना नाबार्ड के परामर्श एवं प्रदेश में कार्यरत सहकारी बैंक, भूमि विकास बैंक,अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से क्रियाशील की जाएगी। इस योजना के लिए प्रदेश के ऐसे युवा स्वयं रोजगार के लिए अर्ह होंगे, जो कृषि स्नातक,कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक,स्नातक, जो कृषि एवं सहबद्ध विषयों यथा उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशु चिकित्सा, मुर्गी पालन एवं इसी तरह की गतिविधियां, जो किसी राज्य,केन्द्रीय विश्वविद्यालय या किसी अन्य विश्वविद्यालयों, जो आईसीएआर,यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त हों। इसके अतिरिक्त ऐसे युवाओं की अनुपलब्धता होने पर अनुभव प्राप्त कृषि में डिप्लोमा धारी,कृषि विषय में इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण योग्य प्रार्थी पर भी विचार किया जा सकेगा। इसके लिए 40 वर्ष से अनाधिक, अनुसूचित जाति,जनजाति,महिलाओं को 05 वर्ष की छूट अधिकतम प्रदान की जाएगी। पात्र अभ्यर्थियों में, जिनकी जन्मतिथि पहले होगी, उन्हें वरीयता दी जाएगी। योजना की लागत अधिकतम 04 लाख रुपए निर्धारित की गई है। ऋण की सीमा साढ़े तीन लाख रुपए निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। प्रोजेक्ट लागत का 12.50 फीसदी आवेदक द्वारा मार्जिन मनी के रूप में अभिदान किया जाएगा।राज्य सरकार से अधिकतम 60,000 रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी। जिसमें प्रस्तावित कार्य हेतु अग्रिम ब्याज अनुदान 42,000 रुपए, 03 वर्ष के लिए, परिसर किराया 50 प्रतिशत प्रति माह अधिकतम 12,000 रुपए (1,000 रुपए प्रति माह केवल प्रथम वर्ष के लिए), लाइसेंस फीस की प्रतिपूर्ति के लिए अधिकतम 3,000 रुपए तथा अन्य व्यय के लिए 3,000 रुपए।चयनित आवेदकों को व्यवसाय के निमित्त ऋण प्राप्ति के पूर्व राज्य कृषि प्रबन्ध विस्तार प्रशिक्षण संस्था (समेती) रहमान खेड़ा, लखनऊ द्वारा कम से कम 12 दिन का ग्रामीण व्यवसाय विकास योजना का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। आवेदकों के चयन के लिए भी प्रक्रिया निर्धारित की गई है। राज्य सरकार से कृषि प्रशिक्षित उद्यमियों को लाइसेंस प्राप्त करने में सहायता तथा लाइसेंस फीस के व्यय की प्रतिपूर्ति में सुविधा प्रदान की जाएगी।स्वरोजगार में स्थापित होने के लिए बैंकों से ऋण प्राप्त करने में सहायता तथा 05 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान की व्यवस्था की गई है। यह अनुदान बैंक की बैंक इण्डेड सब्सिडी के रूप में रखा जाएगा तथा वर्ष की समाप्ति पर ऋणी के खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा