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रैदास जी ने समाज को दिया सांप्रदायिक सौहार्द : मुरलिका शर्मा

Published: October 6, 2018 at 8:46 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- सांप्रदायिक वैषम्य की विभीषिका जलाते हुए समाज को अपनी वाणी के माधुर्य से एक दिशा प्रदान करती हुई देवी मुरलिका ने अलीगढ़ में भक्तमाल कथा के माध्यम से चौथे दिन संत रविदास जी के चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि महापुरुष किसी जाति, धर्म या किसी विशेष मजहब के नहीं होते एक चर्मकार होकर भी संत रविदास ने अपने शीलसौजन्य से सारे समाज को एक सूत्र में बाँधने का प्रयत्न किया।

गूलर रोड स्थित लक्ष्मी टाकीज के सामने चल रहे सप्तदिवसीय श्री भक्तमाल कथा के चौथे दिन की कथा में कथा व्यास मुरलिका शर्मा ने कथा पांडाल में विभिन्न जगहों से आये भक्तों के सैलाब के समक्ष संत रैदास के पावन चरित्र का वर्णन किया। इससे पूर्व मुख्य यजमान अशोक कुमार वार्ष्णेय एवं चित्रा वार्ष्णेय, अरुण कुमार वार्ष्णेय नीलम वार्ष्णेय से गौरव शास्त्री, ऋषि शास्त्री ने कथा से पूर्व व्यास पीठ का पूजन अर्चन करवाया।

कथा वाचिका ने रैदास जी के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनके जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं से उनके गुणों का पता चलता है। रैदास ने ऊँच-नीच की भावना तथा ईश्वर-भक्ति के नाम पर किये जाने वाले विवाद को सारहीन तथा निरर्थक बताया और सबको परस्पर मिलजुल कर प्रेमपूर्वक रहने का उपदेश दिया। वे स्वयं मधुर तथा भक्तिपूर्ण भजनों की रचना करते थे और उन्हें भाव-विभोर होकर सुनाते थे। उनका विश्वास था कि राम, कृष्ण, करीम, राघव आदि सब एक ही परमेश्वर के विविध नाम हैं। वेद, कुरान, पुराण आदि ग्रन्थों में एक ही परमेश्वर का गुणगान किया गया है।उनका विश्वास था कि ईश्वर की भक्ति के लिए सदाचार, परहित-भावना तथा सद्व्यवहार का पालन करना अत्यावश्यक है। अभिमान त्याग कर दूसरों के साथ व्यवहार करने और विनम्रता तथा शिष्टता के गुणों का विकास करने पर उन्होंने बहुत बल दिया।उनकी वाणी का इतना व्यापक प्रभाव पड़ा कि समाज के सभी वर्गों के लोग उनके प्रति श्रद्धालु बन गये। कहा जाता है कि मीराबाई उनकी भक्ति-भावना से बहुत प्रभावित हुईं और उनकी शिष्या बन गयी थीं।

अंत में हुई महाआरती में श्रीमती शुशीला देवी, रजनीश वार्ष्णेय, अशोक कुमार, पवन तिवारी, चित्रा गुप्ता, अनिल तिवारी, अरूण कुमार, नीलम गुप्ता, जितेन्द्र गुप्ता, कृष्णा गुप्ता, शशांक गुप्ता, भानुजा, राजेन्द्र कुमार, महेश चन्द्र, शैलेन्द्र कुमार, कपिल शर्मा, निर्मल गुप्ता, मिथ्लेश शर्मा, महेन्द्र सिंह, धीरेन्द्र पाल सिंह, बन्टी भैया आदि लोग उपस्थित रहे।






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