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पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या पर आक्रोश, सरकार पीड़ित परिवार को दें एक करोड़ मुआवजा व सुरक्षा: उपजा

Published: July 25, 2020 at 5:16 pm

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लखनऊ- नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) व उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) ने गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या को दु:खद बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को दस लाख की जगह एक करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी व पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।

नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय सचिव व उoप्रoजर्नलिस्ट्स एसोसिएशन(उपजा) के प्रान्तीय महामंत्री प्रदीप शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार मृतक पत्रकार के पीड़ित परिवार को दस लाख की सहायता को अपर्याप्त बतातें हुऐ एक करोड़ रुपये मुआवजा,एक सदस्य को सरकारी नौकरी व सुरक्षा दें। उन्होने कहा कि उ0प्र0 में पत्रकारों की हत्या निरन्तर जारी है आखिर योगी सरकार कब जागेंगी..? उन्होने पत्रकार सुरक्षा कानून लाने की मांग की ताकि प्रदेश के पत्रकार निर्भय होकर अपनी पत्रकारिता कर सकें।

उ0प्र0 जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष मुकेश वत्स ने कहा कि ग़ाज़ियाबाद के यशोदा अस्पताल मे उपचाराधीन अवस्था मे पत्रकार विक्रम जोशी की मौत हो गयी। उनकी भांजी से बदमाशों ने छेड़छाड की थी, पुलिस से शिकायत करने पर बदमाशों ने उसकी बेटियों के सामने गोली मारकर हत्या कर दी।

विक्रम की हत्या कई सवाल पैदा करती है। क्या यह क़ानून व्यवस्था की भी हत्या हैं ? या गुंडो के बढ़ते दुस्साहस का परिचय है, प्रशासन ने चोक़ी इंचार्ज को हटाकर, कुछ बदमाशों को गिरफ़्तार करके जेल भेजकर क़ानूनी खानापूर्ति कर दी है।कुछ समय बाद बदमाश ज़मानत पर बाहर आ जाएँगे फिर ऐसे ही किसी विक्रम जोशी की हत्या करेंगे।विक्रम जोशी एक साधारण इंसान था कोई पुलिस कर्मी थोड़ी ही था, जो पुलिस बदमाशों पर गोली चलाकर उन्हें मौत के घाट उतारती। अब सवाल पैदा यह होता हैं कि क्या पुलिस का ख़ून तभी खौलता हैं जब किसी पुलिसकर्मी की हत्या होती हैं ? क्या किसी पत्रकार, व्यापारी, इंजीनियर या हलवाई की हत्या, उसके परिवार को कम पीड़ादायक होती है ???

उपजा के प्रान्तीय उपाध्यक्ष सचिन भारद्वाज ने कहा कि अफसोस की बात है कि उपजा ने प्रदेश सरकार को 12 सूत्रीय ज्ञापन देकर सभी पत्रकारों को एक करोड़ का बीमा कवर देने की मांग की थी। इस बात पर प्रदेश सरकार से अभिलंब विचार कर सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा है प्रदेश के सभी पत्रकारों की समुचित सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार को उठानी चाहिए

दुख की इस घड़ी में उपजा के प्रान्तीय पदाधिकारीयों की आनलाईन बैठक का आयोजन किया गया जिसका संचालन करते हुए पंकज धीरज ने कहा कि सभी पत्रकारों को बीमा कवर के साथ ही इस महामारी से जीवनहानि होने की दशा में पीड़ित पत्रकार के परिजनों को मुआवजे व नौकरी का प्रावधान किया जाना चाहिए तथा शीघ्र ही पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कर प्रदेश के सभी पत्रकारों को 25 हजार रुपयें महावार पेंशन देनी चाहिए।

बैठक में प्रान्तीय उपाध्यक्ष जी के शर्मा, प्रान्तीय उपाध्यक्ष विनोद बागी, सचिव राजकुमार शर्मा, प्रान्तीय सचिव राकेश श्रीवास्तव, प्रान्तीय सचिव प्रवीण शर्मा, प्रान्तीय सचिव अनुपम दीक्षित, तेजवीर सिंह चौहान, विश्व बन्धु शास्त्री, मनोज उज्जवल, भारतेन्दु तिवारी, इन्द्र मोहन, सर्वेश शर्मा व तौफिक कर्दम, देवेन्द्र पाल सिंह आदि पत्रकारों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।




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