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प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य व रंग रूपता के लिए ही नहीं, बल्कि जन्म एवं दुर्घटना से होने वाली विकृतियों में महत्वपूर्ण

Published: July 15, 2020 at 5:55 pm

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अलीगढ़- आम मिथक है कि प्लास्टिक सर्जरी का प्रयोग न केवल सौंदर्य और रंग रूपता को निखारने के लिए होता है बल्कि वास्तविकता यह है कि प्लास्टिक सर्जरी ने जन्म एवं दुर्घटना से होने वाली विकृतियों, जलने तथा शरीर के अन्य अंगों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और बड़ी संख्या में न केवल लोगों को ठीक किया है बल्कि उनकी जानें भी बचाई है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में आज राष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर आयेाजित कार्यक्रम में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर इमरान अहमद ने इस दिवस की प्रासंगिकता एवं महत्व को उजागर किया।

प्रोफेसर इमरान अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस हरेक वर्ष 15 जुलाई को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है और इसका उद्देश्य यही है कि लोग प्लास्टिक सर्जरी के विज्ञान से न केवल परिचित हों बल्कि इसके प्रति उनकी जागरूकता भी बढ़े। उन्होंने कहा कि लोगों में आम धारणा यही पायी जाती है कि प्लास्टिक सर्जरी का इस्तेमाल चेहरे और शरीर के अन्य अंगों को सुन्दर बनाने के लिए किया जाता है। जब कि यह केवल प्लास्टिक सर्जरी का एक भाग है जबकि प्लास्टिक सर्जरी के कई अन्य महत्वपूर्ण पहलू हैं। इसका सबसे बड़ा कार्य यह है कि यह सभी स्तरों पर इंसानों की आवश्यकताओं को पूरा करता है और लोगों के भीतर आत्मविश्वास और उनके जीवन में खुशी लाने का कार्य भी करता है।

राष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर विभाग में मुख के कैंसर के उपचार पर एक आन लाइन सेमिनार के अलावा विभाग के परिसर में वृक्षा रोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के मुख्य विभागों में से एक प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सक कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद से 24 घंटे कार्य कर रहे हैं ताकि रोगियों की उचित देख-भाल और उनका उपचार सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा रोगियों को आन लाइन टेलीमेडीसिन परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। प्रोफेसर इमरान अहमद और डा0 फहद खुर्रम मेडिकल कालिज के फ्लू/फीवर क्लीनिक में अपनी सेवायें प्रदान कर रहे हैं।

प्रोफेसर इमरान अहमद ने बताया कि यह सब कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर के अंथक प्रयासों और उनके सहयोग से ही संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि लाक डाउन आरंभ होने के बाद से प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा 587 रोगियों का उपचार किया गया और केन्द्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार उचित सावधानी बरतते हुए आपातकालीन सर्जरी भी अंजाम दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी विभाग में हाथ के आघात की 180 सर्जरी, 172 जलने के मामले, 45 सर और नाक की चोटों तथा 88 निचले अंगों के मामलों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया।




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