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जीत (JOINT EFFORT ELIMINATION FOR TUBERCULOSIS)lL प्रोजेक्ट के तहत वर्कशॉप का आयोजन

Published: September 27, 2019 at 6:04 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- जीत (JOINT EFFORT ELIMINATION FOR TUBERCULOSIS)lL प्रोजेक्ट के तहत एक सीएमई का आयोजन होटल रूबी में डीटीओ डॉ अनुपम भाष्कर की अध्यक्षता में हुआ। जहां डॉ राकेश भार्गव द्वारा ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के लिए लिए चल रहे नए ट्रीटमेंट और ड्रग्स के बारे में सभी को विस्तार से समझाया।

आईएमए अध्यक्ष डॉ संजीव कुमार द्वारा पहले के और अबके प्राइवेट नोटिफिकेशन के बारे में विस्तृत रूप से बताया कि प्रोग्राम डिसेंट्रलाइज्ड होने की वजह से प्राइवेट नोटिफिकेशन बढ़ है और बढ़ेगा।

डॉ पवन वार्ष्णेय ने डॉ सूर्यकान्त त्रिपाठी चैयरमेन स्टेट टीबी टास्क फोर्स द्वारा संपादित नई गाइड लाइन के बारे में अवगत कराया। आइआइएम के प्रदेश सचिव डॉ जयंत द्वारा टीबी मरीजों की एचआइवी करवाने पर जोर देने के साथ ही ऐसे चिन्हित मरीजों की पहचान गोपनीय करने की बात कही।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ अनुपम भाष्कर ने प्राइवेट डॉक्टर्स को संबोधित करते कहा कि भारत से टीबी को समाप्त करने हेतु 2025 का समय दिया है। उसी के तहत सभी डॉक्टर को प्रत्येक टीबी मरीज को नोटिफाई करना चाहिए। जिससे उस मरीज तक इलाज के संबंध में जानकारी भारत सरकार को हो सके।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ अनुपम भाष्कर ने कहा कि पहले प्राइवेट डॉक्टर के यहां से नोटिफिकेशन नही आ पाता है लेकिन पिछले कई सालों से अब अच्छा नोटिफिकेसन आ रहा है जिसके लिए आईएमए बधाई का पात्र है और उम्मीद जताई कि आगे भी आईएमए नोटिफिकेशन के लिये सहयोग करेगा। साथ ही सभी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह इलाज के दौरान दिए जाएँगे, उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा प्रचार और जागरूकता करने का मकसद टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना है ताकि सभी को टीबी के लक्षणों के बारे में जागरूकता हो और उम्मीद है साथ अब प्रत्येक मरीज को 500 रुपये प्रतिमाह (जब उस मरीज का इलाज चलेगा) मिलेंगे।

जिला टीबी विभाग के साथ मिलकर जागरूकता फैलाने के लिए लगाए गए कैम्प जिसमे पुलिस लाइन और जिला कारागार, विश्व एड्स दिवस आदि मौके पर समय समय पर टीबी जागरूकता अभियान चलाया गया जो कि बहुत काबिले तारीफ है जिसके लिए लक्ष्मी वेलफेयर सोसाइटी से डॉ विभव वार्ष्णेय और उनकी पूरी टीम को जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ अनुपम भाष्कर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेंद्र कुमार ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि एमडीआर मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। जो कि चिंताजनक है। अलीगढ़ जिले में तीन सीबी नाट मशीन सक्रिय हैं जो क्रमश डीटीसी जिला मलखान सिंह अस्पताल, दीनदयाल सयुंक्त अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में लगी हुई है जिसके तहत अब प्रत्येक मरीज चाहें वो सरकारी क्षेत्र से हो या प्राइवेट को टीबी निकलने पर उस टीबी मरीज की जांच सीबी नाट से होगी ताकि समय से पता चल सके कि कही वह रोगी ड्रग रेसिस्ट टीबी से पीड़ित तो नही है। संवेदीकरण कार्यशाला में डीपीपीएम कॉर्डिनेटर पीयूष अग्रवाल, डेविड कुमार शाही आदि लोग उपस्थित रहे।

आईएमए सचिव डॉ सुवेक वार्ष्णेय ने आईएमए की तरफ से यकीन दिलाया कि सभी डॉक्टर्स टीबी मरीज को नोटिफाई करवा रहे हैं और आगे भी करवाएंगे।

कार्यक्रम में डॉ भरत वार्ष्णेय, डॉ एके सिंघल, डॉ अजय मित्तल, डॉ विपिन गुप्ता, डॉ एस सी शर्मा, डॉ ब्रजेश त्यागी, डॉ दीपक वार्ष्णेय, डॉ एके गुप्ता, डॉ सुनील मित्तल, डॉ सुमित नागपाल, डॉ खुशबु नागपाल, डॉ रवि सूद, डॉ यूएस वार्ष्णेय, डॉ एसएस पॉल, डॉ संजीव गर्ग, डॉ अंजुला भार्गव, डॉ सुनील गुप्ता, डॉ एस सी वार्ष्णेय, डॉ सीपी गुप्ता, डॉ एके वार्ष्णेय, डॉ सलीम अनीस, डॉ जीके सिंह, डॉ सुमित सिंघल, डॉ विपिन गुप्ता, डॉ अवधेश भारद्वाज, डॉ लाल सिंह आदि ने भाग लिया। वहीं जीत प्रोजेक्ट के सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर सुशील श्रीवास्तव, फील्ड ऑफिसर अवनीश सक्सेना, चेतन आदि उपस्थित रहे।






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