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दी अलीगढ़ युवा अधिवक्ता संघ ने GST-9 की तिथि बढ़ाने को केन्द्रीय वित्त मंत्री के नाम दिया ज्ञापन

Published: June 14, 2019 at 9:11 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- दी अलीगढ़ युवा अधिवक्ता संघ द्वारा अध्यक्ष संजीव कुमार महेश्वरी की अध्यक्षता में अलीगढ़ मंडल के कमिश्नर अजयदीप सिंह के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री भारत सरकार दिल्ली को एक ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि वाणिज्य कर विभाग में बहुत सी ऐसी समस्याओं से अधिवक्ताओं और व्यापारियों को जूझना पड़ रहा है जिसकी वजह से आए दिन कोई न कोई समस्या बनी रहती है जो आपके माध्यम से निवारण किया जाना अति आवश्यक है।

अध्यक्ष संजीव महेश्वरी एडवोकेट द्वारा बताया गया कि जीएसटी के रिटर्न को भरने की अंतिम तिथि से 1-2 दिन पूर्व ही सर्वर कि कन्क्टिविटी चली जाती है। जिसके कारण कोई भी कार्य करने मे बहुत समस्या रहती है। महासचिव अर्जुन सक्सेना एडवोकेट द्वारा कहा गया कि जीएसटी 9 वार्षिक रिटर्न 2017-2018 की अंतिम तिथि सरकार द्वारा 30 जून 2019 घोषित की गई है परंतु जीएसटी रिटर्न 2 A खरीद की सूची जीएसटी विभाग द्वारा पोर्टल पर 31 मई 19 के बाद अपडेट की गई है। अतः 31 मई 19 से पूर्व खरीद की सूची मे काफी अंतर आ रहा था। जिसके कारण जीएसटी 9 भरना सम्भव नहीं हो पा रहा था।

संघ के उपाध्यक्ष संदर्भ पंडित एडवोकेट ने कहा कि जून माह मे 10 जून तक मासिक रिटर्न R1 भरना था तथा 20 जून तक 3B रिटर्न भरना है और शेष 10 दिन मे जटिल वार्षिक रिटर्न भरना सम्भव नहीं है। अगले माह जुलाई मे आयकर रिटर्न भरे जाने है जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई है। अतः इन सभी कारणो की वजह से जीएसटी 9 वार्षिक रिटर्न 2017-2018 को जून और जुलाई मे भरा जाना सम्भव नहीं है।

संघ के सचिव विवेक वार्ष्णेय एडवोकेट ने कहा की कुछ व्यापारियों द्वारा वर्ष 2017-18 के जीएसटी रिटर्न अभी तक नहीं भरे गए है। जिसके कारण आईटीसी का इनपुट क्रेता व्यापारी को नहीं मिल पा रहा है और उन्हे वार्षिक रिटर्न मे पुनः कर का भुगतान व्याज सहित करना पड़ रहा है जो की विधि विरुद्ध है। कार्यकारिणी सदस्य राजीव वार्ष्णेय एडवोकेट ने कहा कि जीएसटी R9 की प्रति दिन की लेट फीस रु० 200/- रखी गई है जो की बहुत अधिक है जिसे घटाकर अधिकतम रु० 20/- प्रति दिन किया जाना चाहिए।

अंशुल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि जीएसटी को सफल बनाने मे कर अधिवक्ताओं का पूर्ण रूप से योगदान रहा है। परन्तु सरकार द्वारा जीएसटी 9C के ऑडिट का अधिकार कर अधिवक्ताओं को न देकर सीए को दिया गया है जो कि कर अधिवक्तों के साथ अन्याय है जिसका अधिकार तुरन्त कर अधिवक्ताओं को दिया जाना चाहिए।

कार्यकारिणी सदस्य केशव देव शर्मा एडवोकेट ने कहा की जीएसटी 9 को मैनुअल किया जाना भी बहुत आवश्यक है। जिससे कि वरिष्ट अधिवक्ता भी इसको आसानी से भर सके और जीएसटी 9 को रिवाइज किया जाने का भी विकल्प किया जाना अति आवश्यक है।

इस दौरान मणिकांत वार्ष्णेय, मनोज कुमार वार्ष्णेय, नितिन गोपाल वार्ष्णेय, ब्रह्मदेव शर्मा, गौरव वार्ष्णेय, अंशुल शर्मा, तरुण पाठक, पंकज वार्ष्णेय, मनु मिश्रा, विनोद कुमार, पवन शर्मा आदि अधिवक्ता गण मौजूद रहे।