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सृजनोत्सव 2019 का हुआ उद्घाटन

Published: May 29, 2019 at 7:26 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- बाल रचनाकारों की राष्ट्रीय पत्रिका ‘अभिनव बालमन’ द्वारा रचनात्मक सृजन की वार्षिक कार्यशाला ‘सृजनोत्सव 2019’ का उद्घाटन महेन्द्र नगर स्थित मारीशस इंटरनेशनल स्कूल में हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन वीर शहीद के सम्पादक एवं श्रीजी एक्सप्रेस के वरिश्ठ उप संपादक पंकज धीरज, एस.एस.डी. इण्टर कॉलिज की प्रधानाचार्या अलका अग्रवाल, अविरल धारा के संस्थापक अतुल सिंह, अलीगढ़ हेल्पलाइन के संस्थापक राज सक्सैना एवं मॉरीषस इण्टरनेषनल स्कूल की प्रधानाचार्या अनीता गुप्ता ने माँ शारदे की छवि के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करके किया। अभिनव बालमन के संपादक निश्चल ने सभी अतिथियों का परिचय कराया।

पंकज धीरज ने बाल रचनाकारों से कहा कि ऐसी कार्यशाला उद्देश्यपरक होती है जो कि आपके लिए बहुत ही लाभकारी है। आप अपने मन में संकल्प लें कि आप किसी भी क्षेत्र में जाना चाहें और जो भी कार्य करें वह उत्कृष्टता के साथ करें।

अलका अग्रवाल ने बाल रचनाकारों से कहा कि बिना मेहनत के सपना साकार नहीं हो सकता। इस कार्यशाला के बारे में बहुत बच्चों को पता है पर वह बच्चे जो यहाँ आने की सोचते रहे और एक आप जिन्होंने यहाँ आकर सीखने की प्रति अपनी लगन का परिचय दिया। निश्चित ही आप बाकी बच्चों से अलग हैं।

अतुल सिंह ने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों से जुड़ें और उनके स्तर पर जाकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत करें। अगर हम अपने स्तर से सोचेंगे तो उनके मन की बात नहीं जान पाएँगे।

राज सक्सैना ने बाल रचनाकारों से कहा कि अभिनव बालमन की गतिविधियों को मैं देखता रहता हूँ। बच्चों के लिए इस तरह की कार्यशाला का आयोजन जिस तरह निरन्तर किया जा रहा है वह सुखद है। आज के समय में ऐसी कार्यशालाओं की अत्यंत आवश्यकता है।

अनीता गुप्ता ने बाल रचनाकारों से कहा कि मुझे अत्यंत हर्ष है कि इतने प्यारे-प्यारे बच्चे बड़ी ही रोचकता के साथ कार्यशाला से जुड़कर सृजन कर रहे हैं। एक कार्यशाला में इतनी विविध विधाओं में रचनात्मक सृजन करना प्रशंसनीय है।

दिल्ली से आए बाल साहित्यकार सिराज अहमद ने बाल रचनाकारों को कहानी सुनाकर कहानी के प्रति लगाव उत्पन्न किया। उन्होंने कहानी लेखन से पूर्व किन बातों का ध्यान रखा जाता है और समझाया कि अपने आस-पास होने वाली गतिविधियों से घटना लेकर कहानी लिखी जाती है।

कार्टूनिस्ट दिलीप ने बाल रचनाकारों को सिखाया कि किस प्रकार पोट्रेट के लिए चेहरे की नाप, आँखें, कान, नाम, बाल आदि को बनाया जाता है। उन्होंने अब्दुल कलाम का पोट्रेट भी बनाया जिससे सीखकर बाल रचनाकारों ने अपने अलग-अलग पोट्रेट बनाए।

कोयम्बटूर से आए इलस्ट्रेटर पियूष ने बाल रचनाकारों को खेल के माध्यम से ड्राइंग सिखाई। एक बाल रचनाकार से दूसरे बाल रचनाकार के कान में टॉपिक बताना और उस टॉपिक को बाल रचनाकार द्वारा बनाकर पहले बाल रचनाकार को दिखाना। इस खेल में बाल रचनाकारों ने मजे मजे में ड्राइंग की। साथ ही उन्होंने कार्टून केरेक्टर भी बनाना सिखाया।

क्राफ्ट एक्सपर्ट कविता गुप्ता एवं नीतिका वार्ष्णेय ने बाल रचनाकारों को फिंगर पपेट बनाना सिखाया। इसके साथ ही उन्होंने मॉस्क का बेस भी बनवाया। बाल रचनाकारों ने अपने मन से अलग-अलग फिंगर पपेट बनाए और उन्हें चलाकर मजे भी लिए।

कार्यषाला में मॉरीशस इण्टरनेशनल स्कूल के प्रबंधक मुकेश सिंह सहित अभिनव बालमन के संध्या, पल्लव शर्मा, काव्या, आकर्षण, गीत धर्मानी, साक्षी, अतुल शर्मा, वरेण्य, वत्सल का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में आमोद वार्ष्णेय, देवीशरण शर्मा, विनोद कुमार, सरोज, पूनम शर्मा, शशि, अंशिका, सीमा सक्सैना, विजय उपस्थित रहे।






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