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एक्टिव केस फाइंडिंग 2019 के प्रथम चरण के लिए संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन

Published: January 8, 2019 at 5:32 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- जिले में एक्टिव केस फाइंडिंग 2019 के प्रथम चरण के संबंध में केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को सभागार मलखान सिंह अस्पताल में हुआ। जहां औषधि निरीक्षक हेमेंद्र चौधरी ने उपस्थित लोगों को शिड्यूल H1 रजिस्टर के संबंध में बताते हुए बताया कि प्रत्येक केमिस्ट स्टोर/फार्मासिस्ट टीबी की दवा का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। साथ ही उसकी सूचना कार्यालय औषधि निरीक्षक देना है जिससे उसकी सूचना जिला क्षय रोग अधिकारी को दी जा सके।

जिला क्षय रोग अधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत से टीबी खत्म करने के लिए 2035 तय किया था। लेकिन प्रधानमंत्री ने निश्चय किया कि हम टीबी को 2025 तक भारत से खत्म करेंगे क्योंकि टीबी के सबसे ज्यादा मरीज भारत में हैं।

जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेंद्र कुमार ने आंकड़े बताते हुए कहा कि 2016 के अनुसार विश्व के कुल मरीजों में 27 प्रतिशत मरीज भारत में हैं। जबकि अभी 2018 का डेटा आना शेष है जो बढ़कर लगभग 30 से 35 प्रतिशत होने की संभावना है। जिसे जागरूकता के द्वारा ही खत्म किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि अलीगढ़ में एक्टिव केस फाइंडिंग कार्यक्रम 7 जनवरी से शुरू हो चुका है जो 17 जनवरी तक चलेगा।जिसके तहत 27 सुपरवाइजर के अंतर्गत 133 टीम कार्य में लगी हुई हैं। जिनकी मोनिटरिंग हेतु 12 डॉ की टीम हैं,जो अलीगढ़ शहर के नगला कलार, नगला मसानी, मेहफूजनगर, नई बस्ती, बीमानगर, ऊपरकोट, भुजपुरा, जयगंज, पला साहिबाबाद, महेंद्र नगर, गम्भीरपुरा, रसलगंज, हाकिम सराय, सराय लवरिया, जलालपुर, देहली गेट, कनवरी गंज आदि स्थानों पर एक्टिव केस फाइंडिंग का टीबी के संदिग्ध रोगी को तलाशेंगे। जहां प्रतिदिन लगभग 41000 लोगो से स्वास्थ्य विभाग की टीम टीबी के लक्षणों की जांच करेगी और किसी भी टीबी संदिग्ध को सैंपल भी कलेक्ट करेगी।

केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह उर्फ टिल्लू द्वारा कहा गया कि टीबी को खत्म करने की जिम्मेदारी सम्पूर्ण समाज की है। जिसे एक जिम्मेदार नागरिक होने के चलते सभी को करना होगा।

कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेंद्र कुमार, पीपीएम कॉर्डिनेटर पीयूष अग्रवाल एवं डेविड कुमार शाही, विशाल विक्रम सिंह, महेंद्र पाल सिंह, ललित, राजेन्द्र जैन के अलावा जिला क्षय रोग केंद्र का स्टाफ मौजूद रहा।






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