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अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया को सरल और सुगम नहीं की तो होगा आंदोलन : गिर्राज गोदानी

Published: October 27, 2018 at 8:23 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज आनर्स एसोसियेशन की एक आवश्यक बैठक जीटी रोड स्थित होटल रायॅल रेजीडेंसी में आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता गिर्राज गोदानी ने की एवं संचालन समन्वयक एवं प्रवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल ने किया।

विगत वर्षों में अक्टूबर माह में आलू की बुवाई समाप्त होने तक 100 प्रतिशत भरने के बाद भी अधिकांश शीतगृह खाली हो जाते थे किन्तु इस सत्र में कुल क्षमता के सापेक्ष कुल 76 प्रतिशत शीतगृह भरे गए उसके बाद भी शीतगृहों में 30 से 40 प्रतिशत आलू शेष है। आलू की यह स्थिति आलू उत्पादक किसान व शीतगृह उद्योग दोनों के लिए खतरनाक है व नवम्बर में मोटा आलू बहुत सस्ता व गुल्ला व किररी साइज लगभग फिंकने की स्तिथि में आ सकता है तथा आगमी वर्षों में आलू का अधिक उत्पादन व भण्डारण क्षमता का पूर्ण भंडारण होने पर आलू 2017 की तरह फिंकने की स्थिति में आ सकता है। किसानों की आय दूनी करने को संकल्पित सरकार जब तक आलू उत्पादन वाले क्षेत्रो में आलू के प्रसंस्करण उद्योग को प्रोत्साहित नहीं करेगी आलू उत्पादक किसान व शीतग्रह उद्योग के अच्छे दिन नहीं आ सकते।

वास्तविकता यह है कि आलू का उत्पादन व भंडारण क्षमता आलू की खपत की अपेक्षा बहुत अधिक है। आलू किसान व शीतगृह उद्योग को बचाने के लिए सरकार को जिन क्षेत्रों में शीतगृह ज्यादा लग चुके है वहां सब्सिडी देने पर भी पुनः विचार करना होगा। आलू की पैदावार आलू की खपत से ज्यादा हो गयी है। इसके लिए हमारा संगठन सरकार को ज्ञापन देकर मांग करेगा कि वे आलू प्रोसेसिंग यूनिट लागने में हमारी सहायता करे। शीतगृह उद्योग अपना अग्रिम धन वापिस नहीं मिल पाने के कारण आर्थिक संकटों से जूझ रहा है।

शीतगृह उद्योग को अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया जटिल कर दी गयी है व अनापत्तिप्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं यदि इस कारण शीतगृह नहीं चल पाते है उसका दायित्व शासन का होगा व किसानों का आक्रोश चुनावी वर्ष में सरकार के लिए घातक हो सकता है। अग्निशमन विभाग द्वारा थोपे जाने वाले नए नियम नितांत अव्यवहारिक हैं, प्रदेश एसोसिएशन द्वारा इसका प्रखर विरोध शासन को दर्ज करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया को सरल और सुगम नहीं बनाया गया तो हम सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगें।

प्रदेश सरकार द्वारा 1 जुलाई 2017 से प्रदूषण विभाग सम्बन्धी वायु व जल सेस शीतगृह उद्योग के लिए पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है। यह बैठक इंडियन आॅयल कारपोरेशन के द्वारा प्रायोजित की गयी थी जिसमें उन्होंने अपने ल्यूबरीकेंट के बारे मेें विस्तार से बताया। कंपनी की ओर से महाप्रंबधक अश्विन पांडेय ने अपनी प्रेजेंटेशन प्रस्तुत की।

बैठक में अध्यक्ष गिरिर्राज गोदानी, महामंत्री अतुल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, समंवयक एवं प्रवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल, संजय गर्ग, चौ कल्याण सिंह, राजकुमार जैन, हरिओम चौधरी, धीरज चौधरी, बल्लभ चौधरी, राजेंद्र वार्ष्णेय, पप्पू प्रधान आदि उपस्थित थे।






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