Menu

नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश करतीं हैं माँ कालरात्रि : डा. ब्रजेश शास्त्री

Published: October 16, 2018 at 10:37 pm

nobanner
Print Friendly, PDF & Email




वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- विश्व कल्याण सेवा संस्थान के तत्वावधान में वैदिक ज्योतिष संस्थान कार्यालय पर शारदीय नवरात्र महोत्सव के सातवें दिन संस्थान के अध्यक्ष एवं महामंडलेश्वर डा.आचार्य ब्रजेश शास्त्री के पावन सानिध्य में माता कालरात्रि का विधि विधान से पूजन किया गया।

मंगलवार को स्वर्ण जयंती नगर सीजंस अपार्टमेंट स्थित वैदिक ज्योतिष संस्थान कार्यालय पर चल रहे नवरात्रि अनुष्ठान के सातवें दिन मुख्य यजमान मनोज अग्रवाल व श्वेता अग्रवाल से आचार्य ब्रजेश शास्त्री, गौरव शास्त्री, ऋषि शास्त्री, मधुर वेदपाठी, वैभव वेदपाठी आदि पंचाचार्यों ने गंगा, भूमि, गणेश व् शिव पार्वती का आवाहन कराया तत्पश्चात नवरात्री की सातवी देवी माता कालरात्रि का अन्य आठ देवियों सहित विधि-विधान से पूजन कराया वहीं देश व समाज में फैली व्याधियो के निवारण एवं माता के भक्तो के उत्थान हेतु हवन में आहूतियां भी दिलवायीं।

इस अवसर पर आचार्यवर डा ब्रजेश शास्त्री ने कहा कि माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन ‘सहस्रार’ चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालरात्रि को व्यापक रूप से माता देवी – काली, महाकाली, भद्रकाली, भैरवी, मृत्यू, रुद्रानी, चामुंडा, चंडी और दुर्गा के कई विनाशकारी रूपों में से एक माना जाता है। रौद्री और धुमोरना देवी कालात्री के अन्य कम प्रसिद्ध नामों में हैं।

माना जाता है कि देवी के इस रूप में सभी राक्षस,भूत, प्रेत, पिसाच और नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है, जो उनके आगमन से पलायन करते हैं। सिल्प प्रकाश में संदर्भित एक प्राचीन तांत्रिक पाठ, सौधिकागम, देवी कालरात्रि का वर्णन रात्रि के नियंत्रा रूप में किया गया है। सहस्रार चक्र में स्थित साधक का मन पूर्णतः माँ कालरात्रि के स्वरूप में अवस्थित रहता है। उनके साक्षात्कार से मिलने वाले पुण्य (सिद्धियों और निधियों विशेष रूप से ज्ञान, शक्ति और धन) का वह भागी हो जाता है। उसके समस्त पापों-विघ्नों का नाश हो जाता है और अक्षय पुण्य-लोकों की प्राप्ति होती है।

देर रात को माता कालरात्रि की महाआरती की गई जिसमें अशोक नवरत्न, सुमित वर्मा, रजनीश वार्ष्णेय, प्रमोद गुप्ता, अमित वर्मा, पवन तिवारी, संजय नवरत्न, कपिल शर्मा, शुभ अग्रवाल, देव अग्रवाल, शिव प्रकाश अग्रवाल, तेजवीर सिह, अनिल तिवारी, लव पंडित सहित दर्जनों भक्त उपस्थित रहे।






Leave a Comment

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>