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त्यागमय जीवन के आदर्श का प्रतीक है यज्ञ : डा.ब्रजेश शास्त्री

Published: October 10, 2018 at 6:43 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- भक्तमाल कथा के माध्यम से भगवान को पाना सरल और समुचित साधन है कलियुग में नीवा जी, खेत जी दोनों पिता पुत्र ने भगवान ठाकुर में अदभुत आस्था के कारण अपना सब कुछ भगवान की सेवा में अर्पण कर साधु-संतों की सेवा की। आर्थिक संकट के दौर से गुजरने के बाद भी उन्होंने ठाकुरजी की सेवा करना नहीं छोड़ा और अंत में साक्षात ठाकुरजी के दर्शन किए। यह वक्तव्य गूलर रोड पर विगत सात दिन से चल रहे भक्त माल कथा के अंतिम दिन यज्ञ से पूर्व मानमंदिरवासिनी कथा वाचिका मुरलिका शर्मा ने अपने अंतिम दिन की कथा में कहे।

गूलर रोड स्थित लक्ष्मी टाकीज के सामने चल रहे भक्तमाल कथा सप्ताह के अंतिम दिन महामंडलेश्वर डा.ब्रजेश शास्त्री के सानिध्य में हवन यज्ञ का आयोजन यज्ञाचार्य गौरव शास्त्री द्वारा किया गया। प्रातः बेला में मुख्य यजमान अशोक कुमार वार्ष्णेय एवं चित्रा वार्ष्णेय, अरुण कुमार वार्ष्णेय नीलम वार्ष्णेय ने कथा पीठ के अंतिम दिवस का पूजन अर्चन कर कथा वाचिका का आशीर्वाद लिया।

इस अवसर पर डा. ब्रजेश शास्त्री ने बताया कि कथा के उपरांत यदि यज्ञ का आयोजन भी किया जाय तो अत्यंत लाभकारी रहता है। यज्ञ त्यागमय जीवन के आदर्श का प्रतीक है। इदन्न मम— अर्थात यह मेरा नहीं सम्पूर्ण समाज का है। इन भावनाओं के विकास से ही हमारा सनातन आध्यात्मिक समाजवाद जीवित रह सकता है। अपनी प्रिय वस्तुएं घृत, मिष्ठान्न, मेवा औषधियाँ आदि हवन करके उन्हें सारे समाज के लिये बाँट देकर हम उसी प्राचीन आदर्श को मनोभूमि में प्रतिष्ठापित करते हैं। मनुष्य अपनी योग्यता, शक्ति, विद्या, सम्पत्ति, प्रतिष्ठा, प्रभाव पद आदि का उपयोग अपने सुख के लिये कम से कम करके समाज को उसका अधिकाधिक लाभ दे यही आदर्श यज्ञ में सन्निहित है। यज्ञ की प्रतीक पूजा से उन भावनाओं को सारे समाज को हृदयंगम कराया जाता है। तत्पश्चात भंडारे प्रसादी का आयोजन भी किया गया।

इस अवसर पर शुशीला देवी, अशोक कुमार, चित्रा गुप्ता, अरूण कुमार, नीलम गुप्ता, जितेन्द्र गुप्ता, कृष्णा गुप्ता, शशांक गुप्ता, भानुजा, राजेन्द्र कुमार, महेश चन्द्र, शैलेन्द्र कुमार, कपिल शर्मा, निर्मल गुप्ता, मिथलेश शर्मा, महन्त ओपी बाबा, पवन कुमार वार्ष्णेय, महेन्द्र सिंह, धीरेन्द्र पाल सिंह, बन्टी, तेजवीर सिंह जादौन, शिवप्रकाश अग्रवाल, भोलू ठाकुर, रजनीश वार्ष्णेय, पवन तिवारी आदि उपस्थित रहे।






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