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समर्पण से भगवान बन जाते हैं भक्त के दास : मुरलिका शर्मा

Published: October 4, 2018 at 10:36 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- अलीगढ़ जो कभी श्री कृष्ण लीला काल में राधा रानी की सहचरी का क्रीड़ा क्षेत्र होने के कारण वर्तमान नाम से लब्ध ख्याति था आज बरसाना की ब्रज बालिका देवी, मुरलिका के वाक सुधा से ससंतृप्त हो रहा है। प्रति वर्ष भक्तिरस सुधा के रस सागर में अव गाहन कराने वाली देवी ने अपने व्यक्तित्व कृतित्व से अलीगढ़वासियों की जीवनचर्या ही बदल दी। उक्त उदगार के साथ वैदिक ज्योतिष संस्थान के अध्यक्ष एवं महामंडलेश्वर डा.आचार्य ब्रजेश शास्त्री ने कथा वाचिका का तिलक कर मुरलिका शर्मा को तीसरे दिन की श्री भक्तमाल कथा के लिए आरूढ़ किया।

गूलर रोड स्थित लक्ष्मी टाकीज के सामने चल रहे सप्तदिवसीय श्री भक्तमाल कथा के तीसरे दिन की कथा में कथा व्यास मुरलिका शर्मा ने माधव दास के चरित्र का वर्णन किया। मुख्य यजमान अशोक कुमार वार्ष्णेय एवं चित्रा वार्ष्णेय, अरुण कुमार वार्ष्णेय नीलम वार्ष्णेय से गौरव शास्त्री, ऋषि शास्त्री ने कथा से पूर्व व्यास पीठ का पूजन अर्चन करवाया।

तत्पश्चात सैकणों भक्तों की भीड़ के समक्ष मुरलिका शर्मा ने अपनी कथा के माध्यम से भक्तों को बताया कि माधव दास जी के चरित्र से यह संदेश मिलता है कि भग्वच्चर्णौँ मे समर्पित भाव की भक्ति हो तो भगवान भक्त के दास बन जाते हैं। प्रभू नीच से नीच टहल करने में भी अपना गौरव समझते हैं जैसा कि माधव दास जी की अस्मर्थावस्था में भगवान ने माधव दास जी का मल मूत्र तक साफ किया।

मुरलिका जी ने यह भी संदेश दिया कि आज जो गुरु जनो के प्रति उपेक्षा की प्रवृति दिखाई दे रही है उसका कारण यही है कि समाज मे ऐसी शिक्षा व वातावरण का अभाव है। सभी को भक्त चारित्र श्रवण करना चाहिये।

सांय कालीन संध्या में हुई महाआरती में श्रीमती शुशीला देवी, अशोक कुमार, चित्रा गुप्ता, अरूण कुमार, नीलम गुप्ता, जितेन्द्र गुप्ता, कृष्णा गुप्ता, शशांक गुप्ता, भानुजा, राजेन्द्र कुमार, महेश चन्द्र, शैलेन्द्र कुमार, कपिल शर्मा, निर्मल गुप्ता, मिथलेश शर्मा, महेन्द्र सिंह, धीरेन्द्र पाल सिंह, बन्टी भैया आदि लोग उपस्थित रहे।






समर्पण से भगवान बन जाते हैं भक्त के दास : मुरलिका शर्मा

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