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बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए : डा0 साक्षी बैजल

Published: October 4, 2018 at 7:44 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- प्रदेश सरकार की मंशा है कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण एवं स्वच्छता में निरंतर वृद्धि हो जिससे उनका जीवन उच्च स्तरीय बन सके और वह समाज की मुख्य धारा से जुड़ जाएं। इसके लिए सर्वप्रथम हम सभी को अपना कार्य समय से पूर्ण करना होगा और यह प्रयत्न करना होगा कि कोई कार्य लम्बित न रहे। उत्तर प्रदेश आजादी के समय देश में बाल स्वास्थ्य में प्रथम स्थान पर था प्रदेश को पुनः प्रथम स्थान पर लाने के लिए हम सभी को अपने आत्मविश्वास को जागृत करके कठोर मेहनत से कार्य करना होगा।

यह विचार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डा0 साक्षी बैजल ने आयुक्त सभागार में बाल अधिकार संरक्षण से सम्बन्धित अधिकारियों एवं एनजीओ की बैठक में व्यक्त किये। उन्होंने मण्डल के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि उच्च स्तरीय प्राइवेट विद्यालयों में 25 प्रतिशत तक गरीब बच्चों का दाखिला राइट-टू-एजुकेशन के अन्तर्गत अवश्य कराएं साथ ही सरकारी एवं प्राइवेट विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उनमें संस्कार की शिक्षा भी दी जाए। बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रयत्न किया जाना चाहिए कि बच्चों में क्राइम की भावना उत्पन्न न हो। दिव्यांग बच्चों के लिए प्रत्येक विद्यालय में अलग से शौचालय, रैम्प एवं अन्य अवस्थापना सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।

डा0 बैजल ने उप श्रम आयुक्त जबीं आयशा को निर्देश दिए कि बाल मजदूरी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। स्टेशन, होटल एवं ढ़ाबों के साथ फैक्ट्रियों में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चें कार्य न करें। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयस कुमार को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रत्येक सप्ताह ग्रामीण महिलाओं की बैठक करें एवं उनको स्वयं के तथा बच्चों के स्वास्थ्य के विषय में जानकारी दें। उन्होंने बाल कल्याण समिति की सदस्यों से कहा कि वह सम्प्रेक्षण गृह एवं आश्रमों जहां बच्चें निवास करते हैं उनका नियमित निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य परीक्षण भी आवश्यक रूप से कराएं।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो बच्चें छोटे अपराधों में सम्प्रेक्षण गृह में बन्द हैं उनके प्रति नरम रवैया अपनाया जाए और जो बच्चे सम्प्रेक्षण ग्रह से छूट कर आते हैं उन बच्चों की 6 माह तक जिला प्रशासन के द्वारा निगरानी रखी जाए जिससे वह बच्चे पुनः अपराध में शामिल न हों। उन्होंने जनपद में कौशल विकास के अन्तर्गत दी जाने वाली ट्रेनिंग के विषय में भी गहन जानकारी प्राप्त की जिसमें बताया गया कि 1806 युवाओं को जिनकी उम्र 14 से 35 साल के मध्य है ट्रेनिंग दी जा रही है।

इस अवसर पर मण्डल के बाल कल्याण समिति के सदस्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।






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