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अक्षय तृतीया पर 11 वर्ष बाद बन रहा महासिद्धि योग : डॉ ब्रजेश शास्त्री

Published: April 16, 2018 at 7:45 pm

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वीपीएल न्यूज़, अलीगढ़- महालक्ष्मी का प्रिय दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया नाम से जाना जाता है। अक्षय यानि जिसका कभी क्षय न हो, जिसका कभी नाश नहीं होता। इसे सौभाग्य सिद्धि दिवस भी कहा जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से चार अबूझ व स्वयंसिद्ध मुहूर्त हैं जिसमें किया गया कोई भी कार्य चिरस्थायी एवं शुभ माना जाता है,चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, अक्षय तृतीया, दशहरा तथा दीवाली।

इस बार अक्षय तृतीया 11 वर्ष बाद 18 अप्रैल बुधवार को महा सिद्धियोग में पड़ रहा है। इस दिन 24 घंटे के सर्वार्थ सिद्धि योग में हर तरह का मांगलिक कार्य किया जा सकता है किन्तु पाप करने से बचना चाहिए।व्यापारियों के लिए तो यह दिन तरक्की की रफ्तार बढ़ाने वाला है।इस दिन जो महिला-पुरूष विवाह बंधन में बंधते हैं, उनकी जोड़ी सदा सलामत रहती है। देवी लक्ष्मी के पूजन से स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। किसी भी तरह के मांगलिक कार्य, विवाह, गृह निर्माण, गृह प्रवेश, देव प्रतिष्ठा, व्यापार आरंभ, मुंडन संस्कार आदि के लिए शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती उक्त जानकारी वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख आचार्य डॉ ब्रजेश शास्त्री जी महाराज ने दी।

शास्त्री जी महाराज ने आगे बताया कि 18 अप्रैल बुधवार की सुबह तृतीया तिथि 03:47 बजे से आरंभ हो जाएगी और रात 01:29 बजे तक रहेगी। इस दौरान किसी भी तरह की खरीदारी और शुभ काम किए जा सकते हैं। कभी न खत्म होने वाली सुख-समृद्धि का आशीर्वाद इस दिन प्राप्त किया जा सकता है।

शास्त्रानुसार अक्षय तृतीया को अनंत-अक्षय-अक्षुण्ण फलदायक माना गया है। सुबह उठकर नित्यकर्म से निवृत होने के बाद शांत चित्त होकर विधि-विधान से श्री हरी विष्णु का मां लक्ष्मी सहित पूजन करें। भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर अभिषेक करें। अगर यह अभिषेक विद्वान ब्राह्मण के द्वारा किया जाए तो मां लक्ष्मी शीघ्र ही अतिप्रसन्न हो जाएँगी और आपको धन धान्य से मालामाल कर देंगी। लक्ष्मीनारायण की पूजा सफेद और पीले फूलों से तथा सत्तू दान करने पर हर मनोकामना पूर्ण होगी।

इस दिन सबसे अधिक शुभ है सोना खरीदना। मान्यता है कि इस दिन सोने की खरीद से घर में सोने सी चमक आ जाती है। इस दिन किया गया कार्य स्थायी रहता है। इसके अतिरिक्त दीर्घकालीन निवेश जैसे प्लाट, फ्लैट, स्थायी प्रापर्टी, बीमा पालिसी, शेयर, म्यूचुअल फंड, आभूषण, सोना, चांदी, वाहन क्रय, नौकरी के लिए आवेदन, नया व्यवसाय आरंभ, मकान की नींव आदि, भवन क्रय के लिए एग्रीमैंट, विदेश यात्रा, नया व्यापार आरंभ आदि के लिए चिरंजीवी दिन है। इस दिन गृहोपयोगी सामान भी खरीदा जा सकता है। विलासिता, श्रृंगार, भवन के नवीनीकरण से संबंधित वस्तुएं घर में लाना शुभ माना गया है। वाहन का क्रय बिना कोई मुहूर्त देखे अक्षय तृतीया पर किया जा सकता है।






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