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स्वीकृत कार्यों के टेण्डर विलम्ब से जारी होने पर जवाब तलब, कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता से पूर्ण हों : केशव प्रसाद मौर्य

Published: March 13, 2018 at 6:53 pm

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लखनऊ: 13 मार्च, 2018- राजकीय निर्माण निगम प्रोफेसनल्स की तरह गुणवत्ता युक्त कार्य करें। हमें निर्माण निगम की खोयी हुई साख को पुनः स्थापित करना है। ये निर्देश प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष राजकीय निर्माण निगम श्री केशव प्रसाद मौर्य ने राजकीय निर्माण निगम के सभागार में निदेशक मण्डल की 185वीं बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों से प्राप्त धनराशि और उनके कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप करें। उन्होंने किसी भी दबाव में कार्य न करने के निर्देश निर्माण निगम के अधिकारियों को दिए।

श्री मौर्य ने कहा कि विवादित मामलों को हल करने के हर सम्भव प्रयास हो ताकि कार्य को गति प्रदान की जा सके। आर्बीट्रेशन के 09 मामलों में से मात्र एक मामलें का निस्तारण होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा समयबद्धता के साथ सभी मामले निस्तारित किये जायें। हमें किसी भी दशा में लोक निर्माण विभाग के व्यवसाय को बढ़ाना है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय निर्माण निगम के समान्तर जो संस्थाये कार्य कर रही है, उनका भी तुलनात्मक अध्ययन कर कार्य योजना बनायी जाय एवं कार्य को गतिशीलता प्रदान करते हुए गुणवत्तायुक्त कार्य सम्पादित करे तथा राजकीय निर्माण निगम विभाग एक लाभकारी यूनिट बनने के साथ-साथ अपनी खोयी हुई साख को वापस प्राप्त कर सके।

उप मुख्यमंत्री ने अति विलम्ब से विभिन्न कार्यों हेतु किये गये टेण्डरों पर कड़ी नाराजगी जतायी और कहा कि इसके लिए जिम्मेदारों से जवाब मांगा जाय। हर हाल में स्वीकृत कार्यों के लिए टेण्डर प्रक्रिया यथाशीघ्र शुरू होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये कि जिस विभाग के कार्य हेतु धन स्वीकृत है, उस धनराशि का उपयोग किसी अन्य कार्य हेतु कदापि न करें। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रत्येक कार्य की समय सीमा निर्धारित की जाय ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय से प्राप्त किया जा सके।

कारागार तथा शिक्षा विभाग के कार्यों में सम्बन्धित ठेकेदार द्वारा ठीक कार्य न करने पर एफ0आई0आर0 दर्ज कराते हुए कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में रिकवरी एफ0आई0आर0 तथा ब्लैक लिस्ट करने जैसी कार्यवाही की जाय जिससे एक संदेश जाये कि गलत कार्य करने वालों को किसी भी दशा में बख्सा नहीं जायेगा।

श्री मौर्य ने निर्देश दिये कि राजकीय निर्माण निगम द्वारा जिन बड़ी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है उनके आस पास एक गांव को विकसित करने पर भी विचार किया जाये। उन्होंने कहा कि जिन महाप्रबन्धकों तथा परियोजना प्रबन्धकों का कार्य अच्छा नहीं है उनके कार्यो की समीक्षा की जाये। ताकि ऊर्जावान अभियन्ताओं की तैनाती करते हुए राजकीय निर्माण निगम के कार्यों को गति प्रदान की जा सकें। निर्माण निगम में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति संविदा पर कर्मचारी तैनात करने पर सहमति व्यक्त करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाये। हमारा प्रयास है कि राजकीय निर्माण निगम देश का नम्बर-1 निगम बने।

बैठक में पूर्व अपर मुख्य सचिव श्री सदाकान्त, राजकीय निर्माण निगम के उपाध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, विशेष सचिव डा0 राज शेखर, ईएनसी वी0के0 सिंह, एम0डी0 सेतु निगम राजन मित्तल, एम0डी0 निर्माण निगम विश्वदीपक सहित निदेशक मण्डल के प्रतिनिधि मौजूद थे।






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