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मैला उठाने वाले कार्मिक के पुनर्वासन के लिये 40,000 रूपये नकद सहायता

Published: June 19, 2014 at 5:57 am

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अलीगढ-जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश की अध्यक्षता में कलक्टेªट सभागार में मैनुअल स्कैवेंजर्स(हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों) के पुनर्वासन हेतु बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि इस बैठक का उददेश्य है कि शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र में ज्ञात मैनुअल स्कैवेंजर्स का वैकल्पिक पेशों में पुनर्वास कराना है। इसके लिये एसआरएमएस योजना में वैकल्पिक आर्थिक सहायता उपलब्ध प्रदान कर हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों को पुर्नस्थापित कर उन्हें स्वाभलम्बी बनाकर समाज की मुख्य धारा से जोडना है। इसके लिये हाथ से मैला उठाने वाले कर्मी तथा उनके अश्रित सहायता के लिये पात्र घोषित किये गये हैं।
डीएम ने शासनादेश के हवाले से बताया कि हाथ से मैला उठाने वाले कार्मिक के पुनर्वासन के लिये 40,000 रूपये एकबारगी नकद सहायता प्राप्त करने का पात्र होगा। लाभार्थी को अधिकतक 7,000 रूपये मासिक किश्तों में बैक खाते से निकालने की अनुमति होगी। यह आर्थिक सहायता उन्हीं हाथ से मैला उठाने वाले कार्मिकों को प्रदान की जायेगी जो भविष्य में फिर से हाथ से मैला न उठाने का शपथपत्र देकर, इस कार्य से विरत हो परिवार के भरण पोषण के लिये अन्य कोई वैकल्पिक कार्य करना आरम्भ कर देंगे। इसके साथ ही चिन्हित स्वच्छकारों एवं उनके आश्रितों को स्वःरोजगार हेतु 25000 से 15 लाख तक की ऋण वित्तीय सहायता 4 प्रतिशत से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भी उपलब्ध कराये जाने का प्राविधान है।
सहायक जिला विकास अधिकारी, समाज कल्याण द्वारा बताया गया कि नगर निगम, नगर पालिका तथा नगर पंचायतों में सर्वे कराकर हाथ से मैला उठाने वाले कार्मिकों का चिन्हीकरण कर लिया गया है। जिस पर डीएम ने निर्देश दिये कि स्कैवेंजर्स को समाज की मुख्य धारा मंे जोडने के लिये किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता या देयता से पूर्व उनकी पात्रता का अनिवार्य रूप से तहसील से सर्वे करा लिया जाये। इसके साथ ही उन्हें ने परियोजना अधिकारी डूडा तथा अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनकी जिम्मेदारी एवं दायित्व होगा कि एक बार आर्थिक सहायता प्राप्त लाभार्थी को पुनः मैला उठाने का कार्य नहीं करेंगे। डीएम ने आगामी बैठक में लीड बैंक मैनेजर को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिये। समिति में सदस्य के तौर पर पधारे राजीव भारती, प्रशाॅत बाल्मीक, विक्रम तथा राजकुमारी ने जिलाधिकारी को बताया कि अभी भी खैर के जटटारी, छर्रा के कौडियागंज, हरदुआगंज सहित 9 नगर पंचायतों में सर्वे का कार्य नहीं कराया गया है, जिस पर डीएम ने निर्देश दिये कि जिन स्थानों पर सर्वे का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है या छूट गया है वहाॅ सघनता के साथ सर्वे कार्य करा लिया जाये। इसके साथ ही कराये गये र्वो में सदस्यों ने कुछ अपात्र तथा त्रुटिपर्ण नाम व पते होने की भी बात कही तो डीएम ने कहा कि तहसील से यह सब ठीक कराया जाये तथा किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से पूर्व पात्रता की जाॅच अवश्य करा ली जाये।
बैठक में नगर आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व डा.वी.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी शकील अहमद खाॅ, एडीडीओ समाज कल्याण सहित अधिशासी अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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